तुम्हारी आखें मुशायरा,,
तुम्हारे होंठ कवि सम्मेलन,,

तुम्हारी सासों में महके,,

शाम-ए-सुखन,,

गालिब की गजलें,,

जुल्फें तुम्हारी,,

खय्याम की रुबाई सा,, और पढ़ें »  

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