“जन”…’गन’….”मन”
चीख-चीख कर बोल रही है जनता हिंदुस्तान की

अबकी बार नही सुननी है भाषा “मन की बात” की

बार-बार करते हो वादा ,अब मुँह की न खाएंगे

गिरा एक जो शीश धरा पर,हम “सौ’ लेकर आएंगे

शीश बिन धरनी धरा सुत, कैसे अवलोकित करें मां

है घृणित ये कृत्य उनका ,कैसे कर दें अब हम क्षमा

सुनो बात अब ‘जन’के ‘मन’ की,धीर धरा न जाता है

वीर सुताओं की आंखों में,अब नीर ठहर न पाता है

कितनी कर लो बातें मन की,उनको करनी गद्दारी है,

अब की बार सुनो मोदीजी,करनी ” गन “की तैयारी है

……………

Kumar_Shashi®™…. 

#_तन्हा_दिल…✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

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