ग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है, मेरा भी
ये अफ़साना तेरा भी है, मेरा भीग़म का ख़ज़ाना तेरा भी है, मेरा भी

अपने ग़म को गीत बना कर गा लेना
राग़ पुराना तेरा भी है, मेरा भी

ग़म का ख़ज़ाना…

तू मुझको और मैं तुझको समझाऊं क्या
दिल दीवाना तेरा भी है, मेरा भी

ग़म का ख़ज़ाना…

शहर मे गलियों-गलियों जिसका चर्चा है
वो अफ़साना तेरा भी है, मेरा भी

ग़म का ख़ज़ाना…

मयख़ाने की बात न कर वाईज़ मुझसे
आना-जाना तेरा भी है, मेरा भी

ग़म का ख़ज़ाना…

********************

Movie/Album: सजदा (1991)

Music By: जगजीत सिंह

Lyrics By: शाहिद कबीर

Performed By: जगजीत सिंह, लता मंगेशकर

********************************

Advertisements