​बदलना आता नहीं हम को मौसमों की तरह,
हर एक रूप में तेरा इंतज़ार करते हैं!

न तुम समेट सकोगी जिसे कयामत तक,

कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं!

….. कुमार शशि…..

#_तन्हा_दिल…✍Meri Qalam Mere Jazbaat♡

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